गर्व से कहो कि तुम हिंदू हो

किसी भी देश की उन्नति उस देश में रहने वाले उस समुदाय से होती है,जो कि उस देश की धरती को अपनी मात्र भूमि, पितृ भूमि व पुज्य्भूमि मानता है। भारत एक धर्मनिरपेक्स देश है। परन्तु देखिये की कश्मीर व नागालैंड में आप लोग जमीन नही खरीद सकते, केवल मात्र इसलिए की वो प्रदेश मुस्लिम बाहुल्य व इसाई बाहुल्य हैं।ये तो धर्म के नाम पर साफ बंटवारा है।

जिस देश में हिंदुओं का बहुमत हो और जिन्होंने एक हजार साल तक विदेशी आक्रमणकारियों के जुल्म् और

Nation First

Nation First

अत्याचार झेले हों, उन्होंने यह नहीं कहा कि कम से कम अब आजादी के बाद तो हमें अपने धर्म, मंदिर और आस्था के सांस्कृतिक तौर-तरीकों की सुरक्षा का संवैधानिक अधिकार दो तथा हमारे गरीब, अनपढ़ और मजबूर लोगों का अन्य मतों में मतांतरण पूरी तरह से काननून बंद करने का प्रावधान बनाओ। हिंदू तो इतने उदारवादी और अपने ही समाज को खत्म तथा तोड़ने की साजिशों के प्रति उदासीन रहे कि उन्होंने गैर-हिंदू अल्पसंख्यकों को वे विशेषाधिकार भी दे दिए जो खुद उन्हें प्राप्त नहीं है।

हिंदू समाज और उसकी महान परंपरा भारत की पहचान है। इसीलिए स्वामी विवेकानंद ने आह्वान किया था कि- गर्व से कहो कि तुम हिंदू हो और केवल तभी तुम स्वयं को हिंदू कहाने योग्य कहे जाओगे जब तुम अपना आदर्श और अपना नायक गुरु गोविंद सिंह को मानो। उनकी शक्ति और भक्ति से प्रेरणा लेकर ही तुम इस भारत की सच्ची संतान हो सकते हो

——By Mr. Kamlendra Priyadarshi

Leave A Reply