भूमिहार समाज के उत्थान के लिए क्या करना चाहिए ? भाग (2)

** इसके लिए एक सुविचारित योजना बनाकर अविलंब संगठन का निर्माण करना होगा।
**इसके लिए दो प्रकार के दिशा निर्देश प्रतिदिन इस अभियान से जुड़ने के इच्छुक परिजनों को मिलेंगे:–
(1)सिद्धांत(theory)
(2)व्यवहार(practical)
**जो वास्तव में गंभीर हैं। भूमिहार ब्राह्मण होने पर जिन्हें गर्व है। जो संगठन से जुड़ कर अपने और समाज की सुरक्षा
विकास,उन्नति, और समृद्धि के लिए अपना योगदान करना चाहते हैं वे नियमित रूप से मेरे संदेशों को पढ़ेंगे, व्यवहार में लाएंगे तथा प्रतिक्रिया (कमेंट) करेंगे। याद रखें विचारशील संदेशों पर आप की प्रतिक्रिया(कमेंट) ही आप की पहचान होती है। आप के अंदर की आग अभी बुझी नहीं है, अभी चिंगारी बची हुई है इसी की पहचान आप के कमेंट से होती है अतः कमेंट अवश्य करें।
** अनंत सिंह की गिरफ़्तारी, सीकु भरद्वाज की पुलिस बर्बरता, यह बताने को पर्याप्त है कि असंगठित भूमिहार समाज की राजनैतिक दृष्टि से कोई अहमियत नहीं रह गयी है। हर जगह आरक्षण के हथियार से और किसानों के प्रति द्वेष पूर्ण नीतियों से इस समाज को एक तरह से पददलित कर आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है।
** पहला काम, जागरूक और जिन्दा भूमिहार अपने पंचायत या शहरों में वार्ड में दस(R) दस भूमिहार ब्राह्मणों का एक संगठन अविलंब बनाएं।
**मोबाइल रखने वालों को इस ग्रुप को भूमिहार वर्ल्ड से जोड़ें। स्थानीय स्तर पर साप्ताहिक बैठक। उन सदस्यों के घरों पर बारी बारी से बैठक करें और भूमिहार ब्राह्मण समाज की एकता, सुरक्षा,विकास, उन्नति कैसे हो इसकी चर्चा करें।
** जो जागरूक परिजन कम से कम दस लोगों का संगठन बनालें वे सूचित करेंगे तो फिर आगे की योजना पर विचार होगा।
क्या आप तैयार हैं??
तो कमेंट बॉक्स में अपनी सहमति दें और जय परशुराम का नारा लगाएं।
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ओंकार नाथ शर्मा
जय आदि शक्ति माँ गायत्री
जय सनातन धर्म
जय परशुराम

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