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Samrat Ashoka

सम्राट अशोक कौन था ? कब और किसके साथ हुआ था कलिंग युद्ध ? मेरी समझ से काफी भ्रांतियाँ हैँ उसके सम्बन्ध में । उसे बौद्ध सम्राट कहा जा रहा है , जबकि उसे बौद्ध सिद्ध करने वाले कोई प्रामाणिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैँ । उसे चंड अशोक कहा गया है और चंद का अर्थ

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Kalinga or colleague war

मुझे नहीं लगता कि कलिंग युद्ध का सम्बन्ध किसी कलिंग नामक जगह से था ॥ विशाल साम्राज्य के संस्थापक सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य के पोते को उड़ीसा पर आधिपत्य के लिए लड़ना पड़ा था -यह स्वीकार करने वाले इतिहासकारों की बुद्धि पर तरस आती है मुझे । कलिंग युद्ध ग्रीकों द्वारा दिया गया दूसरा नाम था

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Raj Narayan

The Great Raj Narayan

जो घर फूँकै आपना , सो चलै हमारे साथ ———————————————————– राजनारायण ।उम्र 69 साल. जेल गए 80 बार. जेल में बिताए कुल 17 साल, जिसमें तीन साल आजादी से पहले और 14 साल आजादी के बाद. इतने साल तो गांधीजी ने भी जेल में नहीं बिताए होंगे. राजनारायण यानि वह शख्स जिसने भारत की राजनीति

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कहाँ राजा भोज कहाँ गंगुआ तेली

राजा भोज और गंगुआ तेली की तुलना चौंकाने वाली है ।गंगुआ तेली नाम का कोई ऐतिहासिक व्यक्ति नहीं हुआ है । वस्तुतः यहाँ’ गंगुआ तेली’ नहीं ‘ गंगा -स्थली ‘ >गंगातली शब्द है । गंगास्थली संज्ञा थी भूमिहार और उनके सम्राट विक्रमादित्य की जो श्री शंकर , श्रीकृष्ण , श्री गणेश , श्री चन्द्रगुप्त ,

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भूमिहार ब्राह्मण उत्तम ब्राह्मण

भूमिहार को ब्राह्मण कहने पर जो आपत्ति करते हैं पढ़ ले अयोध्या जी में पुराना ‘आनन्द भवन’ नामक एक मठ है, जिसकी स्थापना भूमिहार ब्राह्मण कुल में उत्पन्न एक विरक्त महात्मा ने की थी। उस मठ के महंथ ‘सियावर शरण’ अपना उत्तराधिकारी घोषित किए बिना ही साकेतवासी हो गए। अस्तु, उनके भंडारे में उपस्थित संत-महंथों ने

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तुलसी कौन थी

*तुलसी कौन थी?* “`तुलसी(पौधा) पूर्व जन्म मे एक लड़की थी जिस का नाम वृंदा था, राक्षस कुल में उसका जन्म हुआ था बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी.बड़े ही प्रेम से भगवान की सेवा, पूजा किया करती थी.जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया।

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चमार शब्द की उत्पत्ती

चमार शब्द की उत्पत्ती कैसे हुई। सिकन्दर लोदी (1489-1517) के शासनकाल से पहले पूरे भारतीय इतिहास में ‘चमार’ नाम की किसी जाति का उल्लेख नहीं मिलता | आज जिन्हें हम चमार जाति से संबोधित करते हैं और जिनके साथ छूआछूत का व्यवहार करते हैं, दरअसल वह वीर चंवर वंश के क्षत्रिय हैं | जिन्हें सिकन्दर

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pankaj kumar

Vacancy Listing

Unemployment is one of the biggest issue in our country. Students from our community are also suffering with the same. In my opinion , if you are talented and have qualifications nobody can stop you in achieving your goal. Sometime lack of  information related to openings at various organization also becomes one of the reason

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Shakti Pith Chamunda Devi

सरकार व प्रशासनिक उदासीनता के चलते शक्तिपीठ चामुंडा को पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित करने के लिए नजरअंदाज किया जा रहा है

सरकार व प्रशासनिक उदासीनता के चलते शक्तिपीठ चामुंडा को पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित करने के लिए नजरअंदाज किया जा रहा है-अखिल भारतीय रास्ट्रवादी किसान संगठन एक तरफ जहां सरकार पर्यटकों को लुभाने व राजस्व कमाने के लिए पर्यटक स्थलों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई योजनाएं बनाकर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है।

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ब्रह्मर्षि समाज

रूद्रमहालय’ मंदीर अयाचक ब्रह्मणों की पहचान और शानका प्रतिक हैं, रूद्रदेव या महादेव अयाचक ब्राह्मणों का ईष्ठदेवता हैं । सहस्र औदिच्य ब्राह्मण (अयाचक ब्राह्मण/ब्रह्मर्षि समाज ) अधिकांशतय: गुजरात राज्य में निवास करते हें| सहस्र औदिच्य ब्राह्मण के रूप में मूल इतिहास वर्ष 950 ई. के आसपास से पाया जाता हे| मूलराज सोलंकी ने 1037 ब्राह्मण

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