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Dr Vashisht Narayan Singh

इस योग्यता को पागल करार दिया गया । बिहार के एसे गणितज्ञ के बारे में जिनका लोहा पूरी दुनिया मानती है। वशिष्ठ नारायण सिंह जी के सही देखभाल की अभाव ,राज्य सरकार और केंद्र सरकार की उदासितन के कारण महान गणितग्य के हाल देख :आशु रोक नही पाएंगे। इन्होंने कई ऐसे रिसर्च किए, जिनका अध्ययन

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भूमिहार ब्राह्मण उत्तम ब्राह्मण

भूमिहार को ब्राह्मण कहने पर जो आपत्ति करते हैं पढ़ ले अयोध्या जी में पुराना ‘आनन्द भवन’ नामक एक मठ है, जिसकी स्थापना भूमिहार ब्राह्मण कुल में उत्पन्न एक विरक्त महात्मा ने की थी। उस मठ के महंथ ‘सियावर शरण’ अपना उत्तराधिकारी घोषित किए बिना ही साकेतवासी हो गए। अस्तु, उनके भंडारे में उपस्थित संत-महंथों ने

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Pushyamitra Shung

जिसके कारण वैदिक संस्कृति और सनातन धर्म जीवित रह पाया –पुष्यमित्र शुंग (  अयाचक ब्राह्मण राजा   ( भूमिहार भी कह सकते है)  )  एक महान हिन्दू सम्राट जिसने भारत को बुद्ध देश बनने से बचाया।   आचार्य चाणक्य ने जिस अखंड भारत के निर्माण हेतु आजीवन संघर्ष किया उसका लाभ भी सनातन धर्म को

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आरक्षण के दुष्प्रभाव

आरक्षण के दुष्प्रभाव

“आरक्षण के दुष्प्रभाव” —  मनीष कुमार चौधरी आरक्षित वर्ग के धनाढ्य परिवारों के बच्चे कम योग्यता के बावजूद भी धड़ल्ले से प्रवेश पा रहे हैं, जिसका सीधा असर दक्षता एवं कार्यकुशलता पर पड़ रहा है। यूं भी कहा जा सकता है कि ‘आरक्षण के सामने प्रतिस्पर्धा हो रही लाचार, जुगनू तो अधिकारी बना और सूरज

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1965 की भारत-पाकिस्तान जंग

When Indian Flag Hosted In Lahore

भारत-पाकिस्तान 1965 की जंग में इंडियन नेवी ने अहम भूमिका नहीं निभाई थी। सात सितंबर 1965 को कमाडोर एस एम अनवर के नेतृत्‍व में पाकिस्‍तानी नेवी के एक बेड़े ने द्वारका स्थित नौसेना के रडार स्‍टेशन पर बमबारी कर दी। रडार स्‍टेशन पर हुए हमले का मामला संसद में भी गूंजा और इस वजह से

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